About Ritu Jain!

New Delhi, India
I am Ritu Jain,48 years and happily married . I live in Delhi. A Housewife who is a Psychology Hons. Graduate and wants to bring cheer and smile to every person who does not have one.Being creative is my lifeline. I am very happy today that I have launched my own Blog, to share my poems,thoughts,experiences and various colors in my life.

Friday, December 31, 2010

गाय गोबर से पृथ्वी को,गोमूत्र से जलको,
श्वास से अग्नि को,प्राणशक्ति स्पंदन से 
पवन को,हुंकार से आकाश को,दूध-दही
एंव घृत से मन,बुद्धि तथा चित्त को शुद्ध-
बुद्ध एंव सशक्त पोषकता प्रदान करती है|
गौ माता के प्रत्येक अन्तस्थ दिव्य यंत्रों 
से उत्पन्न ऊर्जा समष्टि प्रकृति को सदैव 
    मिलती रहती है|

Thursday, December 30, 2010

दूसरों की गलतियां देखते रहते है हम,
खुद की गलतियां देखने का वक़्त नहीं,
दूसरों के सुखों से परेशान होते है लोग,
खुद की खुशियाँ बटोरने  का वक़्त नहीं,
न जाने क्यों भाग रहें हैं,हर दम लोग
जिंदगी को आराम से जीने का वक़्त नहीं|

Wednesday, December 29, 2010

Every human-being must realize the immense power and potential that nature has gifted to all of us.

Tuesday, December 28, 2010

हम इस प्रकार अपना जीवन व्यतीत करें,की हमारे  मरने पर कोई दो आंसू बहा दे\
साथ तो उसने भी चाहा था,
हमसफ़र का अपने,जीवन की डगर पर 
पता ही न चला,अचानक कब छूट गया,
साथ हमसफ़र का,जीवन की डगर पर,
उसके जाते ही,सूनी बड़ी लगने लगी,
जीवन की डगर,
बिन मन के मीत के,बन गया बोझिल और अंतहीन,
जीवन का सफ़र|

Monday, December 27, 2010

Good luck seldom comes in pairs but bad things never occur alone.

Sunday, December 26, 2010

अँधेरा है खामोश खड़ा,
फिर क्यों डराता है,मन को
अँधेरा है चुपचाप खड़ा,
फिर क्यों सताता है,सब को
अँधेरा भी,उजाले की तरह सत्य है,
अँधेरे में,रौशनी अपने पीछे लाने का दम है,
अँधेरे से लड़ना,हौंसले का प्रतीक है,
अँधेरे को पीछे छोड़कर,
रौशनी की तरफ कदम बढाने में,हमारी जीत है|

Saturday, December 25, 2010

Old age puts more wrinkles in our minds than our faces.

Friday, December 24, 2010

कुछ रिश्ते न चलते हैं,आगे 
कुछ रिश्ते न बढते हैं,आगे
बस बदलता है,उनका रुख 
बस बदलती हैं,उनकी संवेदनाएं,
मन को आहत करने लगतीं हैं,
उनकी बदलती दिशाएँ,
न जाने क्यों,कभी-कभी 
सपने बुनने लगता है मन,किसी बेगाने के साथ,
तो,क्यों कोई अपना होकर भी,अपना लगता नहीं,
दिल खुद को कोसता है,तो  कभी वक़्त को,जो बदलता ही नहीं|
Your love towards others will soon form a lovely,thick slice of life and memories.

Thursday, December 23, 2010

सच्ची दोस्ती का कोई नहीं जवाब,
यह देती है,हमें खुशियाँ बेहिसाब,
जीवन की जंग में लड़ने की असीम हिम्मत,
हर छोटे-बड़े तूफ़ान से टकराने की ताकत,
हर दिन की नयी शुरूआत,
कह पाना अपने दिल की बात,
सच्ची दोस्ती का कोई.......

Wednesday, December 22, 2010

Maturity is the art of living in peace with that which we cannot change,the courage to change that should be changed-and the wisdom to know the difference.

Tuesday, December 21, 2010

सूर्य की किरणों का बड़ा है,
एहसान
कण-कण,हर पत्ते-पत्ते पर हैं,
मेहरबान
सूर्य देवता की कृपा है भारी,
तभी तो,महक रही है,हर क्यारी
सूर्य की किरणों ने दिया है,
हम सबको जीवनदान,
क्या पशु,क्या पक्षी,क्या इंसान 
थकते नहीं,करते उसकी महिमा का बखान|

Monday, December 20, 2010

God created us,so he knows exactly how we feel.We can confidently turn to him in our hours of perplexity and frustration.He recognizes the difficulty of our situation,and has the answers to our problems.

Sunday, December 19, 2010

बेटी के ससुराल जाते ही,
उसका दिल करने लगा फरियाद,
हर लम्हा रोने लगा,करके उसे याद,
मज़बूत बहुत करा मन को,
समझाया ज़माने का चलन,
पर,
इन आँसूओं के आगे,बेकार थे सब यत्न,
अब अपना था,उसके पिया का घर,
माँ-बाप का घर-अंगना छूट गया सब|

Saturday, December 18, 2010

The remedy for wrongs is to forget them,and living well because that could be the best revenge.

Friday, December 17, 2010

यादों से हीरे-मोंती चुनकर,
दिल का गुलशन हमने सजाया है,
तुम न मिल पाए तो क्या,तुम्हारी
तस्वीर से सदा दिल को बहलाया है,
धुल गया हर रंजो-गम,उन बेहिसाब
नैनों के जल से,जो हमने हर पल,तुम्हारियाद में बहाया है|

Thursday, December 16, 2010

A person wearing a smile is liked by everyone.That is why someone said,"Wear a smile and have friends,wear a scowl and have wrinkles."

Wednesday, December 15, 2010

'OM'is the holiest of all the holy words and mother of all names and forms.

Tuesday, December 14, 2010

सपनों का शहर है,ये
कोई सपने बेच रहा,
तो कोई सपने खरीद रहा,
कोई सपने देख रहा,
तो कोई झूठे सपने दिखा रहा,
तुम्हारा प्यार का कैसा है असर,
सपनों में बसकर,आँखों के रस्ते,
हरपल,दिल में समां रहा|
Music washes away from the soul the dust of everyday life.

Monday, December 13, 2010

कैसा बीता उसका बचपन,
बिन माँ-बाप के प्यार के,
कैसे बीता उसका हरपल,
बिन माँ-बाप के दुलार के,
मिला न बाप का कंधा रोने को,
मिला न माँ का आँचल सोने को,
किन कर्मों की मिली इतनी कठोर सजा,
न जीवन में रहो कोई ख़ुशी,न कोई मजा,
कैसे बीतेगा उसका यौवन,बिन माँ-बापके प्यार के......

Sunday, December 12, 2010

There are two kinds of people,those who work and those who take the credit.Try to be in the first group because there is less competition there.

Saturday, December 11, 2010

Prayer is a deep connection with the Divine inherent in everything and everywhere.It is a quality,a state of being.

Friday, December 10, 2010

तारों से सजा है,आसमान
पेड़-पौधों से सजी है,ये धरती
हवाएं घुंघरू बजा रहीं,
पंछी और चिड़ियाँ कर रहें,मस्ती
चाँद-सूरज छलका रहे,रौशनी भरी गागर 
लहरें बल खा रहीं,इठलाकर झूम रहा है,सागर,
ओस की नन्ही बूँदें,नृत्य कर रही पत्तों पर,
वर्षा के आते ही,मतवाला मोर नाचने लगा,उठाकर अपना सर,
ये है प्रकृति का जादू.......
जिस मनुष्य ने झुकना सीख लिया,वह कभी टूट नहीं सकता|

Thursday, December 9, 2010

Don't be a grumbler.Look what was good in a situation,instead of what was wrong.Some of us are eternal sad sacks,looking gloomy and spreading gloom.

Wednesday, December 8, 2010

हर वृक्ष की हर डाली में,
समाया है,अनुपम सौन्दर्य 
इन का हर पत्ता,
बनाया है,प्रभु ने बड़े यत्न से,
शायद तभी,ये खड़े है तन के,
कभी लगता है,
विनम्रता से भरे हैं,ये विशालकाय वृक्ष,
फल,फूल,छाया अपनी दे-देकर थकते नहीं,
कुछ इंसान इन्हें काटते हुए,प्रभु से भी डरते नहीं|

Tuesday, December 7, 2010

Do what you love,love what you do.

Monday, December 6, 2010

तुम्हारे प्रेम से,
रौशन है जहाँ हमारा,
तुम्हारा प्रेम ही तो,
है,हमारे जीने का सहारा
हवाओं में,खुशबू की तरह
घुला है,प्यार तुम्हारा
गुलिस्तान बन चुका है,जीवन
फूलों की तरह,जिसमे महक रहा है प्यार तुम्हारा|

Sunday, December 5, 2010

Peace and harmony are the gifts of a disciplined tongue.

Saturday, December 4, 2010

जैसे खिलतें हैं फूल चमन में,
हर दिल में खिल सकतें हैं,
बस खिलानेवाला चाहिए,
आसमान में टिमटिमाते हैं तारें,
हमारे जीवन में भी प्रकाश फैला सकतें है,
उजाला,बस उन्हें बुलाने वाला चाहिए,
हर तरफ है,बरस रही है ,कृपा प्रभु की,
बस,हमारे कर्मों में उसको ग्रहण करने की शक्ति होनी चाहिए|

Friday, December 3, 2010

Maturity is the capacity to face unpleasantness and frustration,discomfort and defeat,without complaint or  collapse.

Thursday, December 2, 2010

मान-सम्मान कभी किसी के देने से नहीं मिलता,वह तो हर किसी को अपनी योग्यता के अनुसार मिलता है|

Wednesday, December 1, 2010

जीवन की कड़ी धूप में,
ठंडी छाँव है,माँ-बाप का प्यार,
जीवन की जंग में,
शीतल छाँव है,माँ-बाप का दुलार,
बड़े खुशकिस्मत हैं वो,
जिन्हें प्रभु के आशीर्वाद के रूप में,
नसीब है,माँ-बाप का प्यार|

Tuesday, November 30, 2010

A Clear Conscience is the softest pillow in the world..
                                                       
आने की आहट तुम्हारी,कर गई मुझको दीवाना 
गूंजने लगी,मन में
मंदिर की घंटियों सी,
प्रेम की अनुभूति होने लगी,
जैसे,हवा के झोंके 
उत्त्पन्न करते हैं,पत्तों में सरसराहट सी|

Monday, November 29, 2010

God writes a lot of comedy.........the trouble is,he's stuck with so many bad actors,who do not  know how to play funny.

Sunday, November 28, 2010

चुभने लगा है,शूल की तरह,
इंतज़ार तुम्हारा,
आंसू बहकर,बहने लगा है,
इंतज़ार  तुम्हारा,
कैसे कहें,सब्र की इन्तहा बन चुका है,
इंतज़ार तुम्हारा,
अब तो हमारे जीने का मकसद बन चुका है,
इंतज़ार तुम्हारा|

Saturday, November 27, 2010

कितना सच्चा होता है,
प्रेम इन बेजुबान जानवरों का,
बिलकुल निष्पाप और पवित्र,
बिना किसी बन्धन का,
सिर्फ खुशबू,होती है जिसमे 
प्यार और अहसास की,
अचूक दवा है,रूह की प्यास की| 

Friday, November 26, 2010

The measurement of achievement is not in winning awards,but in doing something which you really appreciate yourself and get satisfaction in doing that.

Thursday, November 25, 2010

छोडा न दमन कभी,
आशा और विश्वास का उसने,
अपने दृड़ निश्चय के आगे,
झुका दिया दुखों के पहाड़ों को उसने,
इंसान तो क्या,नतमस्तक होगें भगवान् भी,
उस अनाथ बालक का साहसऔर हिम्मत को देख के| 

Wednesday, November 24, 2010

                                                 THE REWARD OF LOVE
The story is told of a wealthy man who lost his wife when their only child was young.A housekeeper was hired to take care of the boy, who lived only into his teens.Heartbroken from this second loss, the father died a short time later.No one could be found; and since there were no relatives,it looked as if the state would get his fortune.The man's personal belongings,including his mansion,were put up for sale.The old housekeeper had very little money, but there was one thing she wanted.It was a picture that had hung on a wall in the house - a photo of a boy she had loved and nurtured.When the item were sold, nobody else wanted the picture, so she bought it for just a few pennies.Taking it home,she began to clean it and polish the glass.As she took it apart, a paper fell out.It was the man's will, and in it he stated that all his wealth should go to the one who loved his son enough to buy that picture .The legacy of heaven and the inexhaustible riches of god's love belong to all who trust and love him.
Like our shadows,our wishes lengthen as over sun declines.

Tuesday, November 23, 2010

कैसा रचा है,ऊपरवाले ने 
दुनिया का खेला,
हर तरफ भीड़ है,जैसे 
लगा है हर तरफ मेला,
शोरो-गुल मचा है हर तरफ,
किसी को इतनी फुर्सत नहीं,
की वोह देखे किसी की तरफ,
हर प्राणी इक दूजे से बेखबर है,
बेमुरवत को कहाँ,इक दूजे की खबर है|

Monday, November 22, 2010

To err is human.

Sunday, November 21, 2010

न जाने कब दिल में हमारे,
चाहत तुम्हारी पलने लगी,
न जाने कब दिल में हमारे,
तुम्हारे प्यार की कली खिलने लगी,
रोका खुद को,बहुत
समझाया,लबों को कुछ कहने न दिया,
पर क्या करें,इन आँखों का,जिन्होंने
कोई राज़,राज़ रहने न दिया|

Saturday, November 20, 2010

Do not tell your problems to anybody because 20% won't care and 80% will be glad that you have.

Friday, November 19, 2010

When a secret is revealed,it is the fault of the man who confided it.

Thursday, November 18, 2010

प्रफ्फुलित करना है यदि अपने मन को,
खिलते हुए देखो,
फूलों को,
खिलते हुए देखो,
बचपन को,
उगते हुए देखो,
सूरज को,
नाचते हुए देखो,
वर्षा की मस्त बूंदों को,और 
चंचल यौवन की उड़ान को|
Where there is no choice,we do well to make no difficulty.

Wednesday, November 17, 2010

दिल की बातें,
कुछ कह दो,कुछ रहने दो,
अपनों की बातें,
कुछ सुनो,कुछ रहने दो,
जो अच्छा लगे,मन को 
उसे सहेजकर रखो,हृदय में,
वाणी को रखो नियंत्रण में,
प्यार के झरनों को बहनें दो|

Tuesday, November 16, 2010

Create a beautiful world around yourself,where the happiness of others comes first.

Monday, November 15, 2010

सूरज का नित आना,
चंदा का नित जाना,
बदलकर,अपनी-अपनी पारी,
गर्मी और बरसात के बाद,
सर्द हवाओंने कर रखी है तैयारी,
पक्षी नित,अपने घोंसलों से 
विभिन्न दिशाओं में उड़ जाते,
दाना-पानी दूंढ़कर,फिर वहीँ लौटकर आते|

Sunday, November 14, 2010

Happy Childrens Day!

Friday, November 12, 2010

उड़ान अद्भुत है मन की,
पल में छूने निक़ल पड़ती है,आसमान
उड़ान अद्भुत है मन की,पल में 
रिश्तों के ताने-बाने से हो जाती है ,परेशान 
कभी-कभी दिशाहीन होकर,मन 
अपने उजालों को अँधेरा समझने लगता है,
रंगों से सजी,अपने जीवन की रंगोली को,
मायूस होकर,बेरंग मानने लगता है,
चलो,अपने मन में प्रेम का दिया जलाएं,
राग,द्वेष का अँधेरा दूर हटाएं,
फिर से,
अपनी जीवन की बगिया में,
आशाओं और उम्मीदों के रंग-बिरंगे फूल खिलाएं|
We never understand how little we need in this world until we know the loss of it.

Thursday, November 11, 2010

उसका उपकार है,
हम नित पेट भर खातें है,
उसका उपकार है,
हम नित हँसते-मुस्कुराते हैं,
उसका उपहार है ये,
हम जब चाहें,गाते-गुन्गुनातें हैं,
हे प्रभु,ऐसे ही सदा अपनी कृपा बरसाते रहना,
हमारी हर साँस को नेक कार्यों में लगाए रखना|

Wednesday, November 10, 2010

We should take our responsibilities seriously,not ourselves.

Tuesday, November 9, 2010

उसकी हिम्मत की देनी होगी,दाद 
जिसका कभी भी,किस्मत ने न दिया साथ,
विपदाओं से था,उसका रिश्ता अनोखा,
हर अपना-पराया देकर गया एक नया धोखा,
न मिली कभी पेट भर रोटी,
न मिले कभी दो पल सुकून के,
हार न मानी फिर भी,कभी उसने
अपने जीवन को चुनौती,मानकर जिया सदा उसने|
Very often,situations that are frustrating can be great learning opportunities.It's all a question of perspective.

Monday, November 8, 2010

देखा है,
झूठे ज़माने का चलन,
देखा है,
अपना बनकर,दिल को चोट पहुंचाने का यतन,
क्यों नहीं देख पाती,दूसरों को खुश दुनिया,
क्यों बिन बात,जी को जलाती है दुनिया,
न जाने क्यों,
हँसते हुओं को रुलाती है,ये निर्मोही दुनिया|

Sunday, November 7, 2010

We keep achieving goals without really spending any moments appreciating our acquisitions.
उलझनें कैसी हैं ये,
जो सुलझ के भी सुलझती नहीं,
मुश्किलें कैसी हैं ये,
जो हटकर भी हटती नहीं,
रिश्ते कैसे हैं ये,
जो दूर रहकर भी दूर होते नहीं,
न जाने,कैसा सम्बन्ध है,
आंसूओ  का इन आँखों से,न दुःख में
न सुख में,इक दूजे से जुदा होते नहीं|

Saturday, November 6, 2010

सब तरफ रौशनी है,
सब तरफ खुशियाँ हैं,
सब तरफ उमंग है,
सब तरफ प्यार की झंकार है,
हर किसी के मन में आशाओं के दीप,
जलाने वाला,ये दीपावली का त्यौहार है|

Friday, November 5, 2010

Happy Diwali To All!

Thursday, November 4, 2010

हो अँधेरी रात कितनी,
पर दिया जलाना कहाँ मना है,
आँखों में हो कितने आंसू,
पर मुस्कुराना कहाँ मना है,
जीवन की डगर पर,न मिले किसी का साथ,
पर अकेले ही,हिम्मत से आगे बढना कहाँ मना है|

Wednesday, November 3, 2010

खुद में ईश्वर को ढूँढना,ध्यान है,
दूसरों में ईश्वर को देखना,प्रेम है,
सर्वत्र ईश्वर का दिखाई देना,ज्ञान है|

Tuesday, November 2, 2010

An act of love,no matter how great or small,is always appreciated.

Monday, November 1, 2010

खुद अपना आकाश बनाएं,
उसे अपने सूरज,चाँद और तारों से सजाएं,
दूर करें मन से,अज्ञान के अँधेरे
गिले-शिकवे की दुनिया से दूर,
हम आगे बढें,जीवन की डगर पर
एक नए उल्लास से तय करें,जीवन का बाकी सफ़र|

Sunday, October 31, 2010

A man should never be ashamed to own he had been in the wrong,which is but saying,in other words,than he is wiser today than he was yesterday.

Saturday, October 30, 2010

छलकती  हुई आँखें देखो किसी की,
बिन पूछे समझने की कोशिश करना,
ये बेरुखी है,किसी अपने की
ये मौन सीभाषा है ,किसी टूटे हुए सपने की,
कुछ दबे हुए जज्बात हैं,
कुछ खोए हुए एहसास हैं,
ऐसी बातें हैं,जो हम कह नहीं पाए,
ऐसी बातें हैं,जो हम सह नहीं पाए,
कुछ अधूरी तमन्नाएं हैं,नादान दिल की,
कुछ हसरतें,ऐसी,जो कभी न हो सकी पूरी,
छलकती हुई आँखें..........
Be not be afraid of life.Believe that life is worth living,and your belief will help create the fact.

Friday, October 29, 2010

कभी खुद को,
गम के अंधेरों में डूबने मत देना,
सुबह होगी जरूर,
दिल को मज़बूत कर,उसका इंतज़ार करना,
जो डर जातें है,शीघ्र ही दुनिया के तूफानों से,
फासले बढ़ने लगतें हैं,मंजिलों से उनके|

Thursday, October 28, 2010

रिश्तें की दास्ताँ है,एक
अंतहीन पीड़ा,
रिश्तों की दास्ताँ हैं,एक
अनबूझी पहेली,
रिश्ते निभाना कला है,एक
जिसे निभाना,कम नहीं एक सजा से,
कोई भी बच नहीं सका है इन रिश्तों के जंजाल से,
हंसकर या रोकर,वो छूट नहीं पाया,इनके मायाजाल से|

Tuesday, October 26, 2010

बहुत प्यार और सम्मान 
मिला है आपसे,
अच्छे ढंग से जीवन जीने को,
उत्साह मिला है आपसे,
मन में उठने वाले हर सवाल का,
हल मिला है आपसे,
दुआ करते है आज,आपकी खुशहाल जिंदगी की,
कुछ भी हो,कभी रब न रूठे आपसे|

Monday, October 25, 2010

We should count  our happiness by the moments in which we make others happy.

Sunday, October 24, 2010

जिंदगी का रुख मोड़ सकतीं है,
कुछ शिकवे,कुछ शिकायतें
जीवन का ढंग बदल सकतीं हैं,
कुछ बेरुखी,कुछ रुस्वाइयां
इंसान की सोच बदल सकतीं है,
थोड़ी सी सहनशक्ति,और कुछ मुस्कुराहटें|
The easiest way to find happiness is to quit complaining.

Saturday, October 23, 2010

सम्हालकर रखा है,आँखों में
हर  ख्वाब तुम्हारा,
आबाद रखा है,दिल का हर कोना
बसा है,जिसमें प्यार तुम्हारा,
उम्मीदे और तमन्नाएं खेलतीं हैं,
उन यादों से,जिनपर हक हैसिर्फ तुम्हारा,
आ जाओ उन अतीतके झरोखों से निक़ल,
जिनमें,वाबस्ता है,प्यार तुम्हारा|

Friday, October 22, 2010

Sometimes all a person needs is a hand to hold and a heart to understand.

Thursday, October 21, 2010


नित नए करतब देखता है  वो,
अपनी ही बनाई कठपुतलियों का,
किसी में भरा है,छल-कपट,
तो कोई है,नम्रता से भरा,
कोई,दूसरों की हर पल कर रहा मदद,
तो कोई किसी का जीना दूभर कर रहा,
हर प्राणी,है दूसरे से जुदा,
कोई प्रेम बाँट रहा,तो कोई नफरत से भरा,
कर रहा पुण्य कोई,लेकर हर पल प्रभु का नाम,
कोई,हर पल पाप कमा रहा,भूलकर ऊपरवाले का नाम|

Wednesday, October 20, 2010

We always like those who admire us,we do not always like those whom we admire.

Tuesday, October 19, 2010

काश हम परिंदे बन उड़ पाते,
दूर आसमानों में,
इस निर्मोही  दुनिया से दूर,
काश हम बादल बनकर,
आसमानों में छा पाते,
देने को राहत,झुलसी हुई धरती को,
काश,हम इन्द्रधनुष बन रंग बरसाते,
इस  धरती के हर कोने को रंगीन बनाते|
Never think that you already know all.However highly you are appraised,always have the courage to say to yourself I am ignorant.

Sunday, October 17, 2010

उसकी आँखों से छलकती हुई
ख़ुशी का कोई पारावार न था,
कैसे  कह दे,
उस ख़ुशी से हमारा कोई सरोकार न था,
कभी हमारी खुशियों की वजह वोह थे,
आज उनकी खुशियों की वजह हम हैं,
दूर होने का गम तो रहेगा सदा,
पर संतोष है इस बात का,
आखिर मिल ही गया,जो आपका था सदा|
Happy Birthday Dad!

Saturday, October 16, 2010

जब दर्द चुपके-चुपके आने लगता है,
रिश्तों में नज़र,कभी-कभी बिन बात के,
जैसे माइने ही बदलने लगते हैं,
कभी-कभी हर जज़्बात के,
क्यों हर सीधी बात का मतलब समझ आता नहीं,
जो कल तक अच्छा लगता था,आज भाता नही,
रंग-बिरंगे फूलों के रंग फीके लगतें हैं,सभी
चाँद-तारे भी दूर ही भले लगतें हैं,सभी
जब दर्द चुपके-चुपके......
Some people go for brains and some for beauty,but everyone appreciates a good sense of humor.

Friday, October 15, 2010

सड़क पर मरने को,
उम्रभर तड़पने को,
क्यों छोड़ दिया,उस नन्ही सी जान को,
क्या कोई ऐसी खता थी,
क्या कोई ऐसा था कुसूर,
जो काबिले-माफ़ी न था,
ऐ ऊपरवाले,उस के न थमनेवाले आंसू क्या कम थे,
या, उस बदकिस्मत की किस्मत में लिखे और भी गम थे|

Thursday, October 14, 2010

To laugh often and much,to win the respect of intelligent people and the affection of children....to leave the world a better place.....to know even one life has breathed easier because you have lived.This is to have succeeded.
मोतियों की तरह,बिखरें हैं
खुशियों के पल ,बेशुमार,
काश,हर कोई उन्हें सहेजकर,
रख पाता,उन्हें अपने दिल के पास,
हर शख्स खोकर अपना चैन,भाग रहा यहाँ
दुनिया की भीड़ में,जीना भूल चुके लोगों को,
काश कोई दिखाए,सही जीने का मार्ग यहाँ,
तो पल दो पल सुकून के वो भी जी पाएं यहाँ||

Wednesday, October 13, 2010

The size of the house has nothing to do with how happy it is inside.

Tuesday, October 12, 2010

क्यों छुप गए हो,
सुबह होते ही,रात के तारे की तरह,
अँधेरी सी हो गयी है,दुनिया 
जो रौशन थी,तुम्हारे जीवित होने से,
हर तरफ उजाला था,
प्रकाश ही प्रकाश था,तुम्हारे होने से|

Monday, October 11, 2010

For attractive lips-Speak words of Kindness,
For lovely eyes-Seek out the good in people,
For a slim figure-Share your food with the hungry,
For poise-Walk with the knowledge that you will,never walk alone.

Sunday, October 10, 2010

कोशिशें कर के देखे कोई हज़ार,इस दिल में 
बुझेगा न दिया तुम्हारे प्यार का कभी,
जीवन है अगर दो दिन की कहानी,तो क्या,
हमने भी तो कर दी तुम्हारेनाम अपनी जिंदगानी|
हसरतें कई,कई ख्वाब देखतीं हैं ये आंखें,
पर हर ख़ुशी,हर गम जुड़ा है आपसे,
समझ नहीं आता,आपसे क्या-क्या बांटे|
Clouds come floating into my life,no longer to carry rain,or usher storm,but to add color to my sunset day.

Friday, October 8, 2010

कोई सीमा नहीं होती,
किसी के लिए प्यार की,
कोई सीमा नहीं होती,
ममता के दुलार की,
कोई सीमा नहीं,
जोश और उत्साह की,
कोई सरहद नहीं बाँध सकती,
सरसराहट को हवाओं की,
पहाड़ों से आने वाले पानी की,और
मस्ती फिजाओं की|

Thursday, October 7, 2010

The greatest physician in his world is optimism.

Wednesday, October 6, 2010

Opportunities are never lost,someone will take the one you miss.

Tuesday, October 5, 2010

ONE WAVE TO ANOTHER

A little wave was bobbing along in the ocean , having a grand time.He was enjoying the wind and the fresh air , until he noticed the other waves in front of him , crashing against the shore , "My God , this is terrible . Is this what's going to happen to me!" the wave said.
Along came another wave . It saw the first wave , looking grim , and said : "Why do you look so sad?"
The first wave said , " You don't understand! We're all going to crash! All  of us are going to be nothing! Isn't this terrible ?" The second wave said , "No , You don't understand. You're not a wave , you're part of the ocean ."
न सूरज के उगने का पता,
न उसके अस्त होने का,
साँसे तो चल रही हैं,
दुनियावालों के लिए,
पर कहाँ है,एहसास जिन्दा होने का,
दिन-रात उठ रहें हैं,हाथ मांगने को दुआ,
जैसे इंतज़ार है,हर पल कोई चमत्कार होने का,
ऐ खुदा रहम कर,दूर कर दे 
ये अनजाना सा डर,उस जान से प्यारे को खोने का|

Monday, October 4, 2010

Life is like an shifting kaleidoscope-a slight change,and all the patterns alter.

Sunday, October 3, 2010

हैं तुमसे दूर,तो क्या हुआ
दिल तो तुम्हारे ही पास है,
हमारा,
हमेशा,ऐसा लगता है,कहीं 
से निकलकर आओगे,औरथाम लोगे हाथ
हमारा,
खुशबू की तरह,महकाकर जाती है,
हर याद तुम्हारी,और प्रफ्फुलित कर जाती है,
तन-मन हमारा,
क्योंकि,वो आप ही तो हैं,
जिसने हमारा जीवन है,संवारा|
All that you have got is a very small moment;this very moment.You always have only one moment in you hands;and it is so small and so fleeting that if you are thinking of the past and the future,you will miss it.And this is the only life and the only reality there is.

Saturday, October 2, 2010

उलझे-उलझे रहतें हैं,
कुछ रिश्ते,
कभी सुलझते नहीं,
तनहा-तनहा से रहते है,
कुछ लोग,
कभी घुलते-मिलते नहीं,
उदास-उदास रहतें है,
कुछ चेहरे,
मुस्कुराहटों से नाता जोड़ते नहीं,बस
प्यार ही प्यार,बांटते हैं कुछ लोग,
उस प्रभु,का स्मरण हरदम करतें हैं जो|

Do not struggle with irritation.Accept its presence.Do not resist it,otherwise it will become stronger and you are likely to suppress it.But be careful not to feed it.

Friday, October 1, 2010

मुश्किल में होते हैं,हम जब
तब क्यों याद आतें हैं,भगवान्
खुशियाँ अपनी खोतें हैं,हम जब
तब क्यों याद आतें  हैं,भगवान्
अंधेरों में बदल जातें,उजाले जब
तब क्यों याद आतें हैं,भगवान्
दुःख डाल लेते हैं,डेरा जब 
तब क्यों याद आतें हैं भगवान्|
One is never too old to try something new.

Thursday, September 30, 2010

टूटने मत दीजीये,सम्बन्ध 
प्यालों की तरह,
आंच देंगें,सर्द हवाओं में 
दुशालों की तरह,
कांपती लौ की तरह,
जलकर बुझे,बुझकर जले 
वो,जिन्हें तमन्ना थी जलने की
मशालों की तरह|
A soft voice is the sound of peace.

Wednesday, September 29, 2010

Happy Birthday Mom!

Tuesday, September 28, 2010


सूर्य की किरणें लेकर आती हैं,
रोज़ उमीदों का एक नया सवेरा,
सूर्य की किरणें,दूर करती हैं अँधेरा,
हर तरफ,एक नया उल्लास,
नव-जीवन देने वाला प्रभात,
हर कली,फूलबन मुस्कुराने लगती है,
हर नन्ही चिड़िया गाने लगती है,
सुनहरी किरणों का जादू छाने लगता है,
प्रकृति का पत्ता-पत्ता मानो धूप में नहाया सा लगता  है,
सूर्य की किरणें........
Dedication is not what others expect of you,it is what you can give to others.

Monday, September 27, 2010

कभी-कभी अपना साया भी 
साथ देता नहीं,
कभी-कभी प्यार अपनों का,
भी करार देता नहीं,
कभी-कभी अंखियों की नींद,
सुकून देती नहीं,
कभी-कभी सारी नदियों का जल,
प्यास बुझाता नहीं,कभी-कभी 
अज़ीज़ दोस्तों की दोस्ती रास आती नहीं,
अक्सर लोगों को अपने शुभचिंतकों की बात भाती नहीं|
Age is a prison,from which we cannot escape.

Sunday, September 26, 2010


जिंदगी में,
जो पल याद रहतें हैं,
वे यादें बन जातें हैं,
उनमें से कुछ पल खुद मुस्कुराकर,
हमें गुदगुदा  के जातें है,
कुछ बेचैन पल,हमारी बेचैनी 
को और बढ़ातें हैं,
बहुत से पल आँखों में आंसू ले आते हैं,
कुछ पल,इतने हलके होतें हैं,की 
पंछियों की तरह आसमानों में उड़ जातें हैं,
कुछ बोझिल पल,
बेवजह मन का भार बढ़ातें हैं|

Saturday, September 25, 2010

STORY THAT STIRS -THE CRACKED POT

                                            
A water bearer had two large pots , hung on each end of a rod which he carried across his nick. One of the pots had a crack in it , while the other pot was perfect and always delivered a full portion of water at the end of the long walk from the stream to the master's house ; the cracked pot arrived only half full . For a full two years this went on daily, with the bearer delivering only one and a half pots full of water at his master's house. Of course , the perfect pot was proud of its accomplishments , perfect to the en or which it was made.
But the poor cracked pot was ashamed of its own imperfection , that it was abe to accomplish only half of what it had been made to do.
After two years of what it perceived to be a bitter failure , it spoke to the water bearer on day by the stream. 'I am ashamed of myself and I want to apologies to you .' 'Why ?'asked the bearer .'what are you ashamed of?'
'I have been able  for these past two years , to deliver only half my load because of this crack in my side which causes the water to leak out all the way back to your master's house . Because of my flaws , you have to do all of his work and yet don't get full value from your efforts ,' the pot said.
The bearer said to the pot , 'Did you notice that there were flowers only on your side of the path , but not on the other pot's side? That is because I have always known about your flaw , and I took advantage of it. I planted flowers seeds on your side of the path , and every day while we walked back from the stream , you have watered them. For two years I have been able to pick these beautiful flowers to decorate my master's table . Without you being just the way you are  he would not have this beauty to grace his house.'
We are all cracked pots but it is the cracks and laws that we have which makes our lives together so interesting and rewarding . Each person should be accepted for what he is and one should look for the good in him.
Clear misunderstandings as soon as you can,in the house and outside.The longer they stay,the more damage they cause.

Friday, September 24, 2010

इच्छाएँ मन की ऊंची उड़ान हैं,
जीवन कभी धूप,कभी छाँव है,
निराशा,इंसान के मन की थकान है,
प्रेम एक सुखद एहसास है,
इंसान की सच्ची पहचान है,
मौत,एक कड़वी,किन्तु अटल सत्य है,
जिंदगी का दामन छूटने का दूसरा नाम मौत है|

All our dreams can come true,if we have the courage to pursue them.
Humour relieves boredom,eases tension and enlivens the atmosphere.

Thursday, September 23, 2010

सम्हाल के चलो,
तो जिंदगी तुम्हारी है,
दूसरों की भावनाओं को समझो,
तो जिंदगी तुम्हारी है,
आदर जो करो,सबका 
तो जिंदगी तुम्हारी है,
प्यार जो बाँट सको,अपना
तो सार्थक जिंदगी तुम्हारी है|
As we go through life thinking heavy thoughts,thought particles tend to get caught between the ears,causing a condition called truth decay.So be sure to use mental floss twice a day.
Do not be suspicious,critical,or jealous.These vibes are felt by anyone who enters the home.

Wednesday, September 22, 2010

बादलों ने बरस-बरसकर,
मचा दिया है,चारों ओर हाहाकार,
घनघोर वर्षा का ऐसा बरपा है कहर,
हर दिशा से,परेशान लोग कर रहे पुकार,
इंद्रदेवता,के प्रकोप से सब हैं बेहाल,
कृपा करो,दुखियों के दुःख,दूर करो दीनदयाल|
The key to success is to learn to do something right and then to do it right everytime.
You don't choose your family.They are God's gift to you,as  you are to them.

Tuesday, September 21, 2010

There is more hunger for love and appreciation in this world than for bread.
क्यों तरसा है,उसका बचपन,
सदा माँ के प्यार को,
क्यों तरसा है,उसका कोमल मन,
सदा माँ के दुलार को,
न जाने कितने बसंत आए,
और आ कर चले गए,
हर वर्ष,अपनी एक नई परेशानी छोड़ गया,
हर अपना बेगाना,उस नन्ही सी बच्ची का,
निष्पाप सा दिल,बेवजह तोड़ गया,
कोई न जाना उसकी मन की अंतहीन पीड़ा को,
कोई न समझा,उस गरीब के घायल मन की व्यथा को,
क्यों तरसा है,उसका बचपन...........
Peace,like Charity begins at home.
Patience is the best remedy for all troubles.

Monday, September 20, 2010

ऐ दिल,ले चल कहीं दूर,
जहाँ कोई न हो,मजबूर,
ऐ दिल,ले चल वहाँ,
जहाँ हो प्यार की ठंडी छाँव,
कोई न छेड़े,गम के तराने जहाँ,
हर किसी के दिल में,खिलें हो फूल जहाँ,
संतोष,शान्ति,और संयम का डेरा हो,
असंतोष और अशांति का न अँधेरा हो,
ऐ दिल,ले चल कहीं दूर,
जहाँ,समुद्र का किनारा हो,
और हर सुकून भरा पल हमारा हो,
जिंदगी की दौड़-धूप से दूर,
जहाँ हवाएं गातीं हों,प्रेम के तराने,
हर किसी के चेहरे पर मुस्कुरुराने के हो अनगिनत बहाने,
ऐ दिल ले चल..............

प्रेम वसंत समीर है,तो द्वेष ग्रीष्म की लू के समां है|
keep the atmosphere at home calm and peaceful.Let there be a lot of love and positive energy flowing.

Sunday, September 19, 2010

आप हैं तो,हँसता है गगन,
हैं आप,तो महकता है चमन,
आपके होने से ही,
टिमटिमाते हैं तारें,
सूरज और चाँद की रौशनी भी 
आपके होने से लगतें हैं प्यारे,
हमारे जीवन को संवारने में,
पहले,प्रभु का हाथ है,
दूजा, आपका साथ है|

Saturday, September 18, 2010

Always do right.This will gratify some and astonish the rest.

Friday, September 17, 2010

दीन-दुखियों के लिए,कुछ 
कर पाओ,तो सार्थक है जीवन तुम्हारा,
बेसहारों का बन पाओ,तुम
जो सहारा,तो सार्थक है जीवन तुम्हारा,
किसी की खोई हुई खुशियाँ,लौटा पाओ
तो सार्थक है,जीवन तुम्हारा,
किसी के अधूरे सपनों को,जो पूरा 
कर पाओ,तो सार्थक है जीवन तुम्हारा|
परपीड़ा को देखकर,मन में दया न आय|
वह मानव-'मानव'नहीं,वह 'पत्थर'कहलाय|

Thursday, September 16, 2010

Once you replace negative thoughts with positive ones,you'll start having positive results
भाग रहा है,हर कोई
जीवन की डगर पर,
फिसल रहा है,सुकून का हर पल
जीवन की डगर पर,
वक़्त की थामे डोर,
इक दूजे से आगे निकल जाने की मची है होड़,
जीवन की डगर पर|
Time is what we want most,but..........what we use worst.

Wednesday, September 15, 2010

हर कली को एक दिन खिलना है,
खिलकर मुरझाना भी है,
हर सुबह को,शाम ढलते ही,
अँधेरी रात में बदलजाना है,
हर किसी जन्म लेने वाले इंसान को,
इक दिन संसार छोड़ अवश्य जाना है,
याद रखे ये अटल सत्य,यदि हर मनुष्य
उसे अपनी बहुत सी उलझनों से,
छुटकारा मिल जाना है|
Inner beauty comes from a stress free mind and a confident,giving personality.

Tuesday, September 14, 2010

Prayer is an inward quest ,an intense desire for god's grace.Prayer opens the doors of our heart to let in god and let out self ,to let in love and let out hate , to let in faith and let out fear , to let in humility and let out arrogance.
मुश्किल कुछ न था,
बस तनहा था,जीवन का सफ़र,
पास ही थे तुम,
फिर भी तनहा था,जीवन का सफ़र,
हर पल चाहा तुम्हे,
फिर भी तरसे तुम्हारी चाहत को,
प्यार और खुशियाँ तो बाँट लिए तुमसे,
बस कुछ दुःख-दर्द रह गए बांटने को|

Monday, September 13, 2010

It is better to be hated for who you are,than to be loved for that who you are not.
किसी का रुपया वापिस किया जा सकता है,लेकिन सहानभूति के दो शब्द वह ऋण है,जिसे चुकाना मनुष्य के बाहर है|

Sunday, September 12, 2010

Smile s a inexpensive way to improve your looks.
ओस की बूँद की तरह,
पवित्र हो तुम,
सीप के मोंती से अनमोल,
तुम्हारे जीवन खुशियों से लदा रहे,तुम्हारा 
आँचल सदा सबके आशीर्वादों से भरा रहे,
आज हर फूल,हर पत्ता तुम्हें मुबारकबाद दे रहें हैं,
सूरज,चाँद और तारे आपको जन्मदिन की बधाई दे रहें हैं|

Saturday, September 11, 2010

A man should be judged by his questions rather than his answers.
You are as young as your Faith,as old as your Doubt,as young as your Self-confidence,as old as your Fear,as young as your Hope,as old as your Despair.

मैंने पूछा चिड़िया से,तुम रहती हो कहाँ?
उसने कहा,सारा आसमान हैं,मेरा आशियाँ,
चाँद से पूछा,कहाँ से निकलते हो,
कहाँ गुम हो जाते हो?
उसने गर्व से कहा,आसमान है मेरा आशियाँ,
पवन से जब पूछा,तुम रहती हो कहाँ,
तो वो बोली,तुम जाओगे जहाँ,मुझे पाओगे वहाँ|
Night brings our troubles to the light,rather than banishes them.

Friday, September 10, 2010

इस संसार का हर नन्हा बालक,
सूर्य की तरह,प्रकाश फैलाने आता है,
अपनी बंद मुठी में अपने भाग्य के साथ,
दूसरों के सुख-दुःख भी लेकर आता है,
प्रेम और पवित्र मन से,न जाने कितने बंधनों
में बंधता चला जाता है,
फिर अपनी सूझ-बूझ से,दुनिया में आगे बढता जाता है|

Age

Age is strictly a case of mind over matter.If you don't mind,it doesn't matter.

Thursday, September 9, 2010

जिसकी अभिलाषाएं नहीं मरतीं,वह मरकर भी भटकता है|अभिलाषाओं से मुक्ति ही प्रभु में विलय है|
The key to success is to learn to do something right and to do it right everytime.
बहुत सी बातें,जो हम खुद नहीं सीख पाते,
वो वक़्त सिखा देता है हमें,
बहुत से ऐसे चेहरे,जो लगा कर घूमते हैं,मुखौटे
उन्हें बेनकाब कर दिखाता है,वक़्त हमें,
हम रोना न भी चाहें,तो भी कभी-कभी
वक़्त रुला  देता है,हमें|

Wednesday, September 8, 2010

Most of us spend too much time in wishing for things we don't have and missing the things we do.
We should hope and work,but never hope more than you work.
सावन ने दी है,सुहानी सी दस्तक
ठंडी हवाएं बल खाने लगीं,
फूल खिलकर,मौसम को महकाने लगे,
भँवरे मस्त होकर,बागों में मंडराने लगे,
दिल में,तुम्हारी यादों के तार झनझनाने लगे,
आसमानों में,इन्द्रधनुष अपने रंगों से प्रेम के तीर चलाने लगे,
परिंदे अपने घोंसलों से बाहर आकर,
प्रकृति की अनुपम छटा का लुत्फ़ उठाने लगे|
Tears of joy are like the summer rain drops pierced by sunbeams.

Tuesday, September 7, 2010

टूटने मत दो,
किसी के सपनों को,
किसी गरीब के आत्मविश्वास को,
किसी अंधे-बेसहारा की लाठी को,
किसी के सम्मान और विश्वास को,
किसी नाजुख से रिश्ते की डोर को,
किसी के प्रेम से,भरे दिल को|
Life gets better as you get older........unless you are a banana.

Monday, September 6, 2010

लाख समझातें हैं,दिल को
पर कहाँ मानताहै,
आपकी बेरुखी को,हमारा 
दिल कहाँ पहचानता है,
हर कोशिश करतें हैं,खुश 
रखने और रहने की,पता 
नहीं कहाँ खता कर बैठते हैं,
हम खुद नहीं जानतें,
आपके चेहरे पर एक मुस्कराहट लाने को,
हमने न जाने कितने यत्न हैं किये,
लाख समझातें हैं दिल को......

Habits are to the soul what the veins and arteries to the blood,the courses in which it moves.

Sunday, September 5, 2010

दोस्ती कितना सुकून देती है,
मन को,
दोस्ती हर परेशानी दूर कर देती है,
जीवन की,
दोस्ती बहुत सी मुश्किलें आसान करती है,
दिल की,
दोस्ती की चमक के सामने फीकी है,झिलमिलाहट
चाँद-तारों की|
Shun idleness.It is the rust that attaches itself to the most brilliant metals.
सागर का किनारा हो,
और बस साथ तुम्हारा हो,
चंदा की शीतल चांदनी हो,
और  बस साथ तुम्हारा हो,
बूंदों की बरसती हो,ठंडी फुहार,
और बस मेरे हाथ में हाथ तुम्हारा हो....
We should avoid discussing our personal problems with others,because eighty percent don't care,rest of them are glad that you have them.

Saturday, September 4, 2010


सब शिकवे-शिकायतें उनसे थी,
सब रूठना -मानना उसका,उनसे था,
हंसी-ठिठोली,वोह अल्हड़पन 
सब छूट गया,
साँसें तो चलतीं हैं,अब भी
दिल तो धड़कता है,अब भी,
पर उनसे बिछुड़ते ही,उसे  ऐसे लगा 
जैसे कल-कल बहती नदी का पानी सूख गया|

Four innate sentiments dispose people to a universal moral sense.These are sympathy,fairness, self-control and duty.

Friday, September 3, 2010

निंदिया अंखियों में आने लगी,
सपने ने पहले से ही कर ली तैयारी,
बाँध लिए घुंघरू,
कुछ ले आये आंसू,
कुछ ने कर दी खुशियों की बरसात,
अंखियों में निंदिया आने लगी.......
पलकें भारी होने लगी,
तुम्हारी कही,अनकही बातें याद दिलाने को,
सपनों ने फिर से कर ली है तैयारी......
Hard work is the yeast,that raises the dough.
The world is round and the place which may seem like the end,may also be the beginning.

Thursday, September 2, 2010

सरल रहो,सहज रहो,
प्रसन्न रहो,
पहले तोलो,फिर बोलो,
प्रसन्न रहो,
पहले झुको,फिर झुकाओ
प्रसन्न रहो,
न खुद परेशान हो,न दूसरों को करो,
हर पल,प्रभु का नाम गुनगुनाते रहो,
सदा सुखी रहो|
Fear nothing! ...............Fear only to do wrong.

Wednesday, September 1, 2010

Mistakes

Do not brood over your past mistakes and failures as this will only fill your mind with grief ,regret and depression . Do not repeat them in the future.

Tuesday, August 31, 2010

 न जाने कैसा भोलापन लिए  थी,
उसकी सूरत,
न जाने कैसा जादू कर रही थी,
उसकी सूरत,
अजीब  सी कशिश से परिपूर्ण थी,
उसकी सूरत,
बड़ी फुरसत से बनाई होगी,ऊपरवाले ने,
वो माटी की मूरत|
God gives every bird its food,but he does not throw it into its nest.
Knowledge is good and Power is good .But without a sense of understanding,both are perverted into instruments of social chaos and destruction.

Monday, August 30, 2010

रिश्तों का ताना-बाना है,
जकड़े हैं हम इंसान जिसमे,
बेड़ियाँ है,प्यार-मुहब्बत की,
बंधें हैं,हम इंसान जिसमें,
जीने का बहाना बन जाते हैं,
ये रिश्ते कभी-कभी,
जी का जंजाल लगने लगते हैं,
ये छल करने वाले रिश्ते कभी-कभी|
When you arise in the morning,think of what a precious privilege it is to be alive,to breathe,to think,to enjoy,to love.

Sunday, August 29, 2010

कभी तो ख़ुशी के मारे झूमने लगता है,
ये दिल,
कभी हालात से मजबूर होकर रोने लगता है,
ये दिल,
कभी किसी की अनकही बातें भी समझने लगता है,
ये दिल,
कभी किसी के पास होकर भी,उससे कोसों दूर होता है,
ये दिल,
कभी किसी से दूर होकर भी,उसके पास होता है ,ये दिल.
दिल की बातें दिल ही जाने,
हम तो बस इतना ही समझ पाएं है,
हर हाल में,हर जगह तुम्हें ही ढूँढता है हमारा,नादान दिल|
If you want your children to improve, let them overhear the nice things you say about them to others.

Saturday, August 28, 2010

If money is your hope for independence you will never have it.The only real security that a man will have in this world is a reserve of knowledge,experience and ability.

कभी देना हो रूह को सच्चा सुकून,तो 
देखो उगते हुए सूरज को,
फूल को खिलते हुए,
ओस की बूँद को पत्ते पर गिरते हुए,
पहाड़ों की बर्फ को पिघलते हुए,
मोर को पंख फैलाकर नाचते हुए,
किसी पपीहे को गाते हुए,
किसी को तुम्हारी वजह से मुस्कुराते हुए,
बादलों को मस्ती से बरसते हुए,
माँ का अपने कलेजे के टुकड़े को गले से लगाते हुए|

The whole world steps aside for the man who knows where he is going.
उस बच्चे की आँख में देखकर आंसू,
मन मेरा रोने लगा,
उसके जख्म से बहते लहू को देखकर,
मुझे कुछ होने लगा,
दुनिया वालों के सितम देखकर,
मेरे इंसानियत से विश्वास उठने लगा|

Friday, August 27, 2010


मस्तिष्क के हज़ारों नेत्र होतें हैं और हृदय का एक,परुन्तु प्रेम के समाप्त होते ही सम्पूर्ण जीवन का प्रकाश समाप्त हो जाता है|
बुडापे ने,तन को असहाय बना दिया,
बुडापे ने,बहुत से अपनों का प्रेम छुड़ा दिया,
जो बच्चे दम भरते थे,बुडापे में अंधे की लाठी बनने का,
वक़्त आने पर,उन सबने अंगूठा दिखा दिखा दिया,
अपना ही शरीर क्षीण होकर दगा देने लगा जब,
उसके सगे ही,धीरे-धीरे उससे दूर जाने लगे सब|

Thursday, August 26, 2010

Crystals,carpets and chandeliers make a nice house but only the smiles on the faces of the residents make it a home.
प्रकृति की छटा है निराली,
चारों ओर छाई है हरियाली,
रंग-बिरंगे फूल बागों को सजाने लगे,
भँवरे भी मस्त होकर गाने लगे,
कीट-पतंगे गुनगुनाने लगे,
ठंडी हवाएं,पिया से मिलने की आस जगाने लगीं,
तुम्हारे दर्शन के प्यासे,हमारे नैना फिर से बहने लगे|

Wednesday, August 25, 2010

There is no love without forgiveness and no forgiveness without love.
जीवन की अंधी दौड़ में,
अपनी सुध-बुध खोकर 
अपने लक्ष्य से भटक गया इंसान,
उलझनों का पहाड़ खुद बनाकर,
फंसकर अपने ही बुने ज़ाल में,
कष्टों में घिर गया इंसान,
खोज रहा,सही राह,विक़ल हुआ
प्रभु को पुकार रहा हर इंसान|
 
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