About Ritu Jain!

New Delhi, India
I am Ritu Jain,48 years and happily married . I live in Delhi. A Housewife who is a Psychology Hons. Graduate and wants to bring cheer and smile to every person who does not have one.Being creative is my lifeline. I am very happy today that I have launched my own Blog, to share my poems,thoughts,experiences and various colors in my life.

Wednesday, May 20, 2009

बादल ने पूछा ,
धूप से झुलसी हुई धरती से ,
क्या बरस के तुझे ,
ठंडक पहुंचाऊं मैं ,
धरती ने हंसकर कहा,
तपना है मेरा जूनून ,
और बरसना तेरा जूनून।

Monday, May 18, 2009

चांदनी गुनगुनाने लगती है,
शहनाइयाँ बजने लगती हैं,
सुन के आहट,तेरे आने की
तू कभी न सोचना ,
हमसे दूर जाने की।

Sunday, May 17, 2009

जब भी होते हैं ,हम उदास ,
रंग बिरंगे फूल भी फीके से लगते हैं,
मन को खुश नहीं कर पाती
चहचहाती हुई चिड़ियाँ भी ,
बेरंग सा लगता है ,इन्द्रधनुष
और कुदरत का हर नज़ारा भी।
काँटों भरी है ,राहें ज़िन्दगी की ,
सार्थक जीवन ,जीना नहीं आसान ,
ठोकर खाकर ,दुःख पाकर ही ,
सीख पाता ,यह बात हर इंसान।

Saturday, May 16, 2009

Keep the lamp of knowledge burning by adding the oil of love,honesty and sincerity.
कहते सुना ,है बहुत लोगों को हमने ,
काश,ये न होता ,कोई और होता तो,
शायद तस्वीर बदल जाती ,
हमारी ज़िन्दगी की,
वे नासमझ ,क्यों नहीं समझते,
कोई और नहीं ,हम ख़ुद ही
बदल सकते हैं ,
रेखाएं अपनी ज़िन्दगी की।

Friday, May 15, 2009

Faith can change the texture of stones.
मधुर वाणी बोलो तो ,इज्ज़त मुफ्त मिलती है।
तुम्हारे साथ दुःख अपना हर बांटा है,
तुम्हारे साथ सुख अपना हर बांटा है,
कभी सोचा न था,तुम बन जाओगे ,
हिस्सा,मेरा और मेरी ज़िन्दगी का,
हर तरफ़,हर ओर तुम्हे देखती हूँ मैं,
परछाई में अपनी,तुम्हे पाती हूँ मैं।
Dreams transform into thoughts and thoughts into actions.

Thursday, May 14, 2009

Wisdom is a weapon to ward off destruction;It is an inner fortress which enemies cannot destroy.
Whatever you can do or dream you can,begin it. Boldness has genius, power and magic in it.Begin it now.
आँसू ताकत रखते हैं ,
अपनों के दिए ज़ख्मों पर मलहम लगाने की,
आँसू हिम्मत रखते हैं ,
दुनिया के दिए रंजो-गम भुलाने की ,
आंसू हौसला रखते हैं ,
हर चेहरे पर मुस्कराहट सजाने की।

Wednesday, May 13, 2009

सच्ची खुशी पानी हो गर ,
अपने दुःख-दर्द भूलकर ,दूसरों
को गले लगाकर देखो,
दिल की कली,खिलानी हो गर,
प्यार देकर दूसरों को ,
काम सबके आकर देखो .
आधे-अधूरे मन से स्वीकार करने के बजाये,विनम्रता पूर्वक मना करना अच्छा है।
अक्सर ,हम जो कहना चाहते है ,
दूसरों से ,
लबों पर आकर भी रुक जाता है ,
कभी-कभी ,
जैसे ,बिन आँखें खोले ही दीदार ,
हो जाता है,
हमे अपने मन के मीत का
कभी-कभी।

Tuesday, May 12, 2009

Nobody can go back and start a new beginning,but anyone can start today and make a new new ending.
हम चाहें ,तो ज़िन्दगी संवार सकते हैं अपनी,
दूसरों पर लुटाकर ,प्यार अपना
बेवजह ,औरों की आँखों में ढूँढा करते हैं ,
हर अधूरा ख्वाब ,अपना
मोती से अनमोल पलों को यूहीं लुटाकर,
हम पछताते रहतेहैं,सिर्फ हाथ मलकर ।
We should not react emotionally to all that happens to us.
Inward beauty,is beauty of thought,aspirations and prayers.
Great minds talk about ideas,average minds talk about events and people.
न जाने ,हर पल कौन सी डोर,
खींचती है ,मुझे तुम्हारी ओर,
न जाने क्यों लगता है जैसे,
पुकार है तुम्हारी,
कोयल की कुहू में,
पपीहे की पिहू में ,
भंवरे की गुनगुनाहट में,
और प्रकर्ति के हर रंग में ।

Monday, May 11, 2009

तुम्हारे दिल के बहुत करीब हूँ
आरजू है ,मरते दम तक ,
दूर तुमसे कभी न रहूँ,
सायेकी तरह ,साथ रहकर
सुकून चाहते हैं,तुम्हे पाकर।
हर फूल को ,जैसे एक दिन मुरझा जाना है,
हर चिंगारी ,को एक दिन राख बन जाना है,
हर इंसान ,को एक दिन
छोड़ के दुनिया चले जाना है,
खुदा के बन्दे ,सोच कर बता,
क्या साथ लाया था,जो यहाँ से लेकर जाना है।

Sunday, May 10, 2009

बात करते हैं लोग,सात जन्म निभाने की,
बिना सोचे ,आज के बारे में ,
रोकर नहीं,हंसकर बितानी होगी ज़िन्दगी हमें,
गिले-शिकवे पहाड़ बन जाते हैं,
गर,हम उन्हें न भूलना चाहें
खुश रहने का महत्व ,बहुत है ज़िन्दगी में,
यदि हम समझना चाहें ।
 
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