About Ritu Jain!

New Delhi, India
I am Ritu Jain,48 years and happily married . I live in Delhi. A Housewife who is a Psychology Hons. Graduate and wants to bring cheer and smile to every person who does not have one.Being creative is my lifeline. I am very happy today that I have launched my own Blog, to share my poems,thoughts,experiences and various colors in my life.

Friday, January 14, 2011

Personality can open doors,but only character can help them remain open.

Thursday, January 13, 2011

किस्मत है जुदा,हर किसी की
इक इंसान महलों में आराम कर रहा,
तो दूजा भीख मांगता,दर-दर भटक रहा,
एक फूल मंदिर में,प्रभु के चरणों में चढ़ रहा,
तो दूजा,सड़क पर किसी के पैर तले 
कुचल रहा,
कोई पक्षी,खुले आसमानों में स्वछंद उड़ता
प्रभु के गुण गा रहा,
तो कोई पिंजरे में कैद हुआ,उसकी दीवारों से
सिर पटक-पटक अपनी किस्मत को कोस रहा|

Wednesday, January 12, 2011

In this ever-changing material world,
nothing is stable or permanant,
future becomes present and
present becomes past,so fast
that it is difficult to keep a track.

Tuesday, January 11, 2011

Nobody can make you unhappy without your consent.

Monday, January 10, 2011

बुराई पहले आदमी को अज्ञानी व्यक्ति की तरह मिलती है,और नौकर की तरह हाथ बांधकर उसके सामने खड़ी हो जाती है|फिर मित्र बनकर उसके निकट आ जाती है|फिर मालिक बनकर उसके सिर पर सवार हो जाती है और उसे सदा के लिए अपना दास बना लेती है|

Sunday, January 9, 2011

विशाल है धरती,विशाल है गगन,
फिर न जाने क्यों संकुचित है,इंसान का मन 
जीता हैअपने लिए,अपने लिए मर जाता है,
विरला है वो,जो परसेवा में जीवन बिताता है|

Saturday, January 8, 2011

Like an ocean,we should be able to feel the vastness,depth and richness of our personality.

Friday, January 7, 2011

ऐ दिल,ले चल कहीं दूर मुझे,
जहाँ हवा के ठन्डे झोंके,
गाकर  सुनाएं प्यार भरे तराने,
चाँद और सूरज सुनाएं इक दूजे को,
अपने-अपने भूले-बिसरे फ़साने,
सागर की लहरें,इठलाती-बलखाती
मुझे प्रेम से पुकारें,
बादल खेल रहें हो,इक दूजे से आँख-मिचौली,
वर्षा की नन्ही बूँदें,तन-मन को भिगोएं,
पूरा हो हर ख्वाब,जो ये बांवरी अँखियाँ सजाएं|

Thursday, January 6, 2011

Be the master of your senses , not a slave .

Wednesday, January 5, 2011

A life without challenges would be like going to school without lessons to learn.

Tuesday, January 4, 2011

दर्द उसका देखकर,रोने लगी धरती
सहम उठा आसमान,
उस मासूम के बहते आंसूओं को देखकर,
हर फूल,हर पत्ता होने लगा परेशान,
तन से लाचार,मन से हारे हुए की सुनो पुकार,विनती है,
आपसे हाथ जोड़कर,पीड़ा उसकी हरो,कृपानिधान|

Monday, January 3, 2011

Smooth seas never make good sailors.

Sunday, January 2, 2011

सूर्य बाहें फैलाकर कर रहा,
स्वागत नए वर्ष का,
हवाएं बहकर कर रहीं,
स्वागत नए वर्ष का,
कलियाँ खिलकर कर रहीं,
स्वागत नए वर्ष का,
सपने सच हों सबके,इस नववर्ष पर,
खिल जाए,जीवन बन के मधुबन,इस नववर्ष पर|

Saturday, January 1, 2011

Happy New Year!

Friday, December 31, 2010

गाय गोबर से पृथ्वी को,गोमूत्र से जलको,
श्वास से अग्नि को,प्राणशक्ति स्पंदन से 
पवन को,हुंकार से आकाश को,दूध-दही
एंव घृत से मन,बुद्धि तथा चित्त को शुद्ध-
बुद्ध एंव सशक्त पोषकता प्रदान करती है|
गौ माता के प्रत्येक अन्तस्थ दिव्य यंत्रों 
से उत्पन्न ऊर्जा समष्टि प्रकृति को सदैव 
    मिलती रहती है|

Thursday, December 30, 2010

दूसरों की गलतियां देखते रहते है हम,
खुद की गलतियां देखने का वक़्त नहीं,
दूसरों के सुखों से परेशान होते है लोग,
खुद की खुशियाँ बटोरने  का वक़्त नहीं,
न जाने क्यों भाग रहें हैं,हर दम लोग
जिंदगी को आराम से जीने का वक़्त नहीं|

Wednesday, December 29, 2010

Every human-being must realize the immense power and potential that nature has gifted to all of us.

Tuesday, December 28, 2010

हम इस प्रकार अपना जीवन व्यतीत करें,की हमारे  मरने पर कोई दो आंसू बहा दे\
साथ तो उसने भी चाहा था,
हमसफ़र का अपने,जीवन की डगर पर 
पता ही न चला,अचानक कब छूट गया,
साथ हमसफ़र का,जीवन की डगर पर,
उसके जाते ही,सूनी बड़ी लगने लगी,
जीवन की डगर,
बिन मन के मीत के,बन गया बोझिल और अंतहीन,
जीवन का सफ़र|

Monday, December 27, 2010

Good luck seldom comes in pairs but bad things never occur alone.

Sunday, December 26, 2010

अँधेरा है खामोश खड़ा,
फिर क्यों डराता है,मन को
अँधेरा है चुपचाप खड़ा,
फिर क्यों सताता है,सब को
अँधेरा भी,उजाले की तरह सत्य है,
अँधेरे में,रौशनी अपने पीछे लाने का दम है,
अँधेरे से लड़ना,हौंसले का प्रतीक है,
अँधेरे को पीछे छोड़कर,
रौशनी की तरफ कदम बढाने में,हमारी जीत है|

Saturday, December 25, 2010

Old age puts more wrinkles in our minds than our faces.

Friday, December 24, 2010

कुछ रिश्ते न चलते हैं,आगे 
कुछ रिश्ते न बढते हैं,आगे
बस बदलता है,उनका रुख 
बस बदलती हैं,उनकी संवेदनाएं,
मन को आहत करने लगतीं हैं,
उनकी बदलती दिशाएँ,
न जाने क्यों,कभी-कभी 
सपने बुनने लगता है मन,किसी बेगाने के साथ,
तो,क्यों कोई अपना होकर भी,अपना लगता नहीं,
दिल खुद को कोसता है,तो  कभी वक़्त को,जो बदलता ही नहीं|
Your love towards others will soon form a lovely,thick slice of life and memories.

Thursday, December 23, 2010

सच्ची दोस्ती का कोई नहीं जवाब,
यह देती है,हमें खुशियाँ बेहिसाब,
जीवन की जंग में लड़ने की असीम हिम्मत,
हर छोटे-बड़े तूफ़ान से टकराने की ताकत,
हर दिन की नयी शुरूआत,
कह पाना अपने दिल की बात,
सच्ची दोस्ती का कोई.......
 
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