प्रकृति के हैं रूप अनेक,
जल झरनों ,तालाबों का करता है जीवन संचार,
उफान आने पर,यही मचा देता है हाहाकार,
हवा,हौले-हौले बह कर देती है सुकून,
कभी आंधी बनकर,छीन लेती सुकून, वैसे ही
सज्जन इंसान करता है सबका कल्याण,
लेकिन कभी -कभी वह बन जाता है,शैतान
दरिंदा ,बनकर उजाड़ देता है कई आशिआं ।
A day without love and laughter , is a day without life.
Never set a goal without attaching a timeline to it.
कभी बाँध कर नहीं रख पाओगे ,मेरे मन को तुम,
लाख पहरे बिठाने की कोशिश करते रहो तुम,
रोक न सकेगी ,इसे कोई भी दरो-दीवार ,
प्रयत्न करके देखलो चाहे तुम हज़ार,
हवा के झोंके की निकल जायेगा ,बिन देखे रात या दिन ,
सीमा लांघकर कोई भी ,जा सकता है किसी ओर ,
अंतहीन है इसकी उड़ान ,जिसका नहीं कोई छोर ।