"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Saturday, April 18, 2009
कहने को तो ,जीवन सुख-दुःख का मेला है , पर हर इंसान यहाँ बिल्कुल अकेला है , सब गिले शिकवे करने वालों से दूर भागते हैं इस लिए हम हँसते रहे ,और सबको हँसाना चाहा , दोस्त ,तेरी मुहब्बत के सिवा हमने कुछ न पाना चाहा ।
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