"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Saturday, April 18, 2009
प्रभु ,आपने मुझे जो भी दिया है , मैंने उसे प्रसन्न होकर स्वीकार किया है , आप तो सदा कृपा बरसाते रहे अपनी, मैं ही अज्ञानी हूँ ,जो हरक्षण भूल जाती हूँ , क्षणभंगुर जीवन कहानी अपनी ।
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