About Ritu Jain!

New Delhi, India
I am Ritu Jain,48 years and happily married . I live in Delhi. A Housewife who is a Psychology Hons. Graduate and wants to bring cheer and smile to every person who does not have one.Being creative is my lifeline. I am very happy today that I have launched my own Blog, to share my poems,thoughts,experiences and various colors in my life.

Thursday, March 3, 2011

कुछ सपने हमें गुदगुदातें हैं,
कुछ सपने जो हम न देखना चाहें,
वो भी चुपके से आकर,हमें रुलातें हैं,
कुछ सपने,अनसुलझी पहेलिआं 
बन कर रह जातें है,
कुछ सपने,मीठी तो कुछ सपने कडवी
यादें ,दिल में छोड़ जातें हैं,
कुछ सपने हमें याद रहते हैं,तो कुछ
हम न चाहते हुए भी,भूल जातें हैं| 
If you meditate and see the light,you will surely talk with the trees,with animals,with the earth,with the seas.Because love of God speaks in everything.

Wednesday, March 2, 2011

गुलाब का फूल,एक रोते हुए आदमी को देखकर बोला-तू सब कुछ होते हुए भी रोता है,मुझे देख,मैं तो काँटों में खिलकर भी मुस्कुराता हूँ|छोड़ दे ये रोना-धोना,और और कर आगे का सफ़र तय कर हँसते हुए,क्योंकि दाता ने ये चुनौतियों भरा जीवन दिया है,हिम्मत से जीने के लिए|मुसीबतें  तो आएंगी जीते जी,तू सामना कर उनका,और तू काबिल बना अपना जीवन,सफलतापूर्वक जीने के लिए|
The secret of staying young is to live honestly,eat slowly and lie about your age.

Tuesday, March 1, 2011

हँसते हुए हम जिएं,हँसते हुए मर जाएं,
बस यही कामना है,
किसी के काम आए ,ये जीवन,
बस यही कामना है,
किसी की आँखों से उसके हर पाएं,कुछ आंसू 
बस यही कामना है,
हर किसी को दे अपनी मुस्कराहट,
बस यही कामना है,
किसी के दुःख-दर्द मिटा पाएं,
बस यही कामना है|
A friend is one,who walks in when others walk out.
चिड़ियाँ कर रही चहचहाकर,फिर से 
स्वागत  एक नई सुबह का,
नव कोंपलें खिलकर,कर रही
स्वागत एक नई सुबह का,
घुंघरू बांधकर,हवा बहकर कर रही,
स्वागत एक नई सुबह का,
हर डूबते हुए सूरज को इंतज़ार रहता है,
एक नई सुबह का|
Love the moment and the energy of that moment will spread beyond all boundaries into blissful.peaceful happiness.

Monday, February 28, 2011

अपनी खुशियों से खुश होते हैं,हम
किसी की खुशियों का सबब बन पाएं,
तो बात है,
पल में,अपनों को गैर बना लेते हैं,
गैरों को अपना बना पाएं,
तो बात है,
जीवन की हर सफलता का श्रेय देतें है,
खुद को,
उस प्रभु का शुक्र मनाएं,तो बात है|

Sunday, February 27, 2011

The manner of giving is worth more than a gift.

Saturday, February 26, 2011

ईश का आवास यह सारा जगत,जीवन यहाँ जो कुछ प्रभु से व्याप्त है,
अतएंव करके त्याग प्रभु के नाम से,तू उपयोग कर उसका तुझे जो प्राप्त है|
Of all our faults,the one that we excuse most easily is idleness.

Friday, February 25, 2011

हर पल में तेरी यादों का डेरा है,
सोचती हूँ,
मेरा दिल,क्या साच्मुच मेरा है,
न दिन का पता,न रात के होने का,
बस तस्वीर दिखाई देती, तेरी हर तरफ
और आँखों को इन्जार रहता है,तेरा दर्श होने का|

Thursday, February 24, 2011

There is so much inside that there is no limit.But we always run outside to find happiness.

Wednesday, February 23, 2011

रास्ते के पत्थर की तरह,
वो रास्ते की ठोकरें खा रहा,
जानवर से बदतर जीवन जीकर,
वो न जाने क्यों इंसान कहला रहा,
तन पर वस्त्र हैं,पर उसका उपहास बना रहे,
चेहरे की अनगिनत लकीरें मानों,
वक़्त के उतार-चड़ाव दिखा रहे,
धूल-मिटटी से सना हुआ उसका तन,
दूसरों की घृणा से आहत उसका मन,
रास्ते के पत्थर की तरह..........

Tuesday, February 22, 2011

When one is sitting in the forest,among the crops,or in the mountains,the Father gives light to the loving mind.

Monday, February 21, 2011

कभी-कभी बिन बात के 
नाचने लगता है मन,
कभी-कभी बिन बात के
उदास रहने लगता है मन,
शीतल चांदनी भी सुकून नहीं देती,
और,
चुभती धूप से खिलने लगता है,तन-मन,
दूर लगता है हर अपना,
टूटा-टूटा सा हर सपना,
लगता है,गैरों से हमारी उमीदें बंधीं हैं,
लगता है,हमारी खुशियों की डोर है,कहीं और|


When you love the creator,then all of creation will surely love you.

Sunday, February 20, 2011

लाचारी थी उसकी,
न चल पाने की,
लाचारी थी उसकी,
औरों से कदम न मिला पाने की,
लाचारी थी बहुत,
न उठ पाने की,
लाचारी थी बहुत,
अपना बोझ न उठा पाने की,
छुटकारा दो,उसे भगवन 
किसी अनजाने में हुई नादानी की|

Saturday, February 19, 2011

Be more humble than a blade of grass,more tolerant than a tree,always offering respect onto others and never expecting any in return.
Real nobility is based on scorn,courage and profound indifference.

Friday, February 18, 2011

प्रेम बरसता है,प्रभु आपका 
सूरज की रौशनी में,
चंदा की चांदनी में,
फूलों की खुशबू में,
धूप और छाया में,
बारिश की बूंदों में,
ठंडी बहती हुई हवाओं में,
प्रेम बरसता है,प्रभु आपका
सागर की लहरों में,
मुस्कुराते हुए चेहरों में,
रेगिस्तान और बहारों में,
प्रेम बरसता रहे,प्रभु सदा
आपका,हमारे जीवन में|

Thursday, February 17, 2011

The secret of success in life for a man to be ready for his opportunity when it comes.

Wednesday, February 16, 2011

इंसान का हरपल बदलता रूप देखा,
किसी के मन में उजाला,
तो किसी के मन में फैला अँधेरा देखा,
हर पल बदल रहे रिश्तों का अनोखा स्वरुप देखा,
किसी का दिल प्रेम से भरा,तो
किसी का झूठ और फरेब से भरा दिल देखा,
इंसान के खुद के बनाए,ताने-बानों में 
उसे ही स्वंय छटपटाते देखा,
साहिल को कश्ती को डुबाते देखा,
भगवन ,
तेरी बनाई हुई कठपुतलियों का नित-नया तमाशा देखा|

Tuesday, February 15, 2011

To err is human,and to forgive is divine.
 
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