**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Sunday, December 11, 2011
उस बेसहारा का कोई न था,
पता नहीं,किसने उसका दिल तोड़ा था,
सुनसान राहों पर,
भटकने के लिए छोड़ा था,
उसकी आँखों में प्यार की प्यास थी,
एक सुखद उम्मीद और,
एक जीवन जीने की आस थी,
मंजिल का तो पता नहीं,पर
उसे,कुछ बिछड़े हुओं की तलाश थी|
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