Friday, July 1, 2011

जीने को तो सभी जीते हैं,
अपनी तरह से,
अपनी-अपनी जिंदगी,
पर कभी दूसरों के लिए,
जीकर देखो,
अपनी अनमोल ज़िन्दगी,
कुछ अलग ही मजा है,
जीने में,प्रेम और शान्ति से,
स्वाभिमान और आत्मविश्वास से,
जब हर पल निकले प्रभु का नाम मुख से,
और उसकी अनगिनत कृपा के लिए,धन्यवाद हर सांस से|

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