**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Thursday, May 19, 2011
आज जन्म हुआ था,
एक नन्हे फ़रिश्ते का,
इस विशाल धरती के चमन में,
एक महकते हुए फूल का,
एक चमचमाते हुए स्वरुप का,
आज खुश हैं,चाँद-तारे गगन में,
आज गान कर रहें हैं,पर्वत और नदियाँ भी,
दे रहें हैं बधाइयां,बादल,हवाएं और सूरज की किरणें भी|
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