**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Tuesday, March 1, 2011
चिड़ियाँ कर रही चहचहाकर,फिर से
स्वागत एक नई सुबह का,
नव कोंपलें खिलकर,कर रही
स्वागत एक नई सुबह का,
घुंघरू बांधकर,हवा बहकर कर रही,
स्वागत एक नई सुबह का,
हर डूबते हुए सूरज को इंतज़ार रहता है,
एक नई सुबह का|
No comments:
Post a Comment
‹
›
Home
View web version
No comments:
Post a Comment