**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Monday, December 6, 2010
तुम्हारे प्रेम से,
रौशन है जहाँ हमारा,
तुम्हारा प्रेम ही तो,
है,हमारे जीने का सहारा
हवाओं में,खुशबू की तरह
घुला है,प्यार तुम्हारा
गुलिस्तान बन चुका है,जीवन
फूलों की तरह,जिसमे महक रहा है प्यार तुम्हारा|
‹
›
Home
View web version