Monday, July 5, 2010

अक्सर,
तन्हाई में बहुत याद आते हो तुम,
अक्सर,
मेरे सपनों को सजाते हो तुम,
अक्सर,
आसमान के हर तारे में नज़र आते हो तुम,
अक्सर,
मुझे जीवन में आगे बढने की प्रेरणा देते हो तुम,
क्या मेरी तरह,
अपने दिल में,मेरी चाहत को सजाते हो तुम?


Mind and Soul

The mind is an instrument of cognition,of knowing things,knowing the material world.
The soul is a ray of God,that which you essentially are.
The mind is discursive,while the soul is synergic.
While the soul integrates everything,the mind analysis everything.
एक नई रोशनी,एक नया उजाला
लेकर आई है,आज,एक नई सुबह
लगता जैसे,पवन असंख्य घुंघरू
बांधकर,छलका  रही हो खुशियाँ,
और हम,
अपने ही सतरंगी सपनो के साथ
खेल  रहें हैं,आंखमिचोली
और तुम्हारे यादों से,प्यार के
रंग लेकर बना रहें हैं,आसमानों पे रंगोली|