बाहर मानसून का मौसम है, लेकिन हरिभूमि पर हमारा राजनैतिक मानसून बरस रहा है। आज का दिन वैसे भी खास है, बंद का दिन है और हर नेता इसी मानसून के लिए तरस रहा है।
मानसून का मूंड है इसलिए इसकी बरसात हमने अपने ब्लॉग प्रेम रस पर भी कर दी है।
राजनैतिक गर्मी का मज़ा लेना, इसे पढ़ कर यह मत कहना कि आज सर्दी है!
"अक्सर,
ReplyDeleteतन्हाई में बहुत याद आते हो तुम"
बेहतरीन कविता! बहुत खूब!
बाहर मानसून का मौसम है
बाहर मानसून का मौसम है,
लेकिन हरिभूमि पर
हमारा राजनैतिक मानसून
बरस रहा है।
आज का दिन वैसे भी खास है,
बंद का दिन है और हर नेता
इसी मानसून के लिए
तरस रहा है।
मानसून का मूंड है इसलिए
इसकी बरसात हमने
अपने ब्लॉग
प्रेम रस
पर भी कर दी है।
राजनैतिक गर्मी का
मज़ा लेना,
इसे पढ़ कर
यह मत कहना
कि आज सर्दी है!
मेरा व्यंग्य: बहार राजनैतिक मानसून की
Bilkul! I'm happy to see you happy. Believe it T.M.gone!
ReplyDeletelittle sis