"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Thursday, April 29, 2010
अग्निरथ पर बैठकर ,बिना थके ,सूर्यदेव
अपनी तीव्र किरणों से बाण चलाएं,
गर्मी के प्रकोप से उनकी,तपती धरा पर
पेड़-पौधे,पुष्प झुलसे और मुरझाएं,
तब हर पंथी की ऑंखें,नभ में मेघ घटा को ढूंढे,
की कब आसमान वर्षा की बूँदें बरसाएं|
,
मनुष्य को सत्य के गूढ़ रहस्य को समझ कर ही जीवन की राह पर चलना चाहिए|ऐसा करने से वह समाज में उचित स्थान प्राप्त करता है और उसे आंतरिक सुख की प्राप्ति होती है|
Just learn to let go.Do not fret over the past or worry about your future.Accept situations as they are.Be a free spirit to be happy in life.