**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Thursday, April 29, 2010
अग्निरथ पर बैठकर ,बिना थके ,सूर्यदेव
अपनी तीव्र किरणों से बाण चलाएं,
गर्मी के प्रकोप से उनकी,तपती धरा पर
पेड़-पौधे,पुष्प झुलसे और मुरझाएं,
तब हर पंथी की ऑंखें,नभ में मेघ घटा को ढूंढे,
की कब आसमान वर्षा की बूँदें बरसाएं|
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