Tuesday, February 2, 2010

याद कभी तो आती होगी,मेरी तुम्हे
पुकारतें होंगे,कभी तो साथ बिताये हुए लम्हे,
एक मीठी सी कसक,बादल जगाता होगा कड़ककर,
गुदगुदी सी कर जाती होगी,ठंडी पवन तुम्हे छूकर,
याद कभी तो आती होगी........
कहने को तो यह जीवन ,
सुख-दुःख का मेला है,
हर बशर इस भीड़ में,
बिलकुल अकेला है,
कोई गिले-शिकवे 
करने वालों के पास नहीं आता,
जीवन में सदा हँसते-हंसाते रहो,
दूसरों से प्यार पाने के लिए,
अपना प्यार सदा लुटाते रहो|