Tuesday, February 2, 2010

कहने को तो यह जीवन ,
सुख-दुःख का मेला है,
हर बशर इस भीड़ में,
बिलकुल अकेला है,
कोई गिले-शिकवे 
करने वालों के पास नहीं आता,
जीवन में सदा हँसते-हंसाते रहो,
दूसरों से प्यार पाने के लिए,
अपना प्यार सदा लुटाते रहो|

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