Monday, January 11, 2010

जिंदगी के अनेक रूप हैं,
अधिकतर लोग बीते हुए कल
को याद करके जीतें हैं,
विरले हैं,वो जो वर्तमान 
में रहना जानते हैं,
हर किसी को आगे बढने का मौका,
जिंदगी देती ज़रूर है,
अधिकतर उसे अनदेखा करके चल देतें हैं,
वही फिर भगवान् या भाग्य को जीवन भर दोष देतें हैं|

त्याग,प्रेम,करुणा की देवी बनकर 
नारी ने बड़े दुःख हैं सहे,
 पर अपने ऊपर हो रहे अत्याचार 
को देखकर वो चुप क्यों रहे,
क्यों न वो अपने अधिकारों की
रक्षा केलिए आवाज़ उठाए,
जागो नारी,शक्ति बनकर,
तुम भी जीना सीखो,
शान से सिर उठाकर|