"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Sunday, November 28, 2010
चुभने लगा है,शूल की तरह, इंतज़ार तुम्हारा, आंसू बहकर,बहने लगा है, इंतज़ार तुम्हारा, कैसे कहें,सब्र की इन्तहा बन चुका है, इंतज़ार तुम्हारा, अब तो हमारे जीने का मकसद बन चुका है, इंतज़ार तुम्हारा|
बहुत खूब
ReplyDeletevery nice!! I'm back again here.
ReplyDeletelove little sis