**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Friday, October 1, 2010
मुश्किल में होते हैं,हम जब
तब क्यों याद आतें हैं,भगवान्
खुशियाँ अपनी खोतें हैं,हम जब
तब क्यों याद आतें हैं,भगवान्
अंधेरों में बदल जातें,उजाले जब
तब क्यों याद आतें हैं,भगवान्
दुःख डाल लेते हैं,डेरा जब
तब क्यों याद आतें हैं भगवान्|
1 comment:
सदा
Friday, October 1, 2010 at 11:20:00 AM GMT+5:30
बहुत ही सुन्दर शब्द रचना ।
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बहुत ही सुन्दर शब्द रचना ।
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