Sunday, September 26, 2010


जिंदगी में,
जो पल याद रहतें हैं,
वे यादें बन जातें हैं,
उनमें से कुछ पल खुद मुस्कुराकर,
हमें गुदगुदा  के जातें है,
कुछ बेचैन पल,हमारी बेचैनी 
को और बढ़ातें हैं,
बहुत से पल आँखों में आंसू ले आते हैं,
कुछ पल,इतने हलके होतें हैं,की 
पंछियों की तरह आसमानों में उड़ जातें हैं,
कुछ बोझिल पल,
बेवजह मन का भार बढ़ातें हैं|

6 comments:

  1. बहुत सुंदर । कुछ पल बोझिल तो कुछ हल्के । कुछ रंगीन तो कुछ बेरंग । पर इन यादों में समाने वाले पलों पर हमार अख्तियार कब होता है ?

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  2. सही बात है। सुन्दर अभिव्यक्ति। शुभकामनायें।

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  3. एकदम सही और सुंदर रचना..... इन्हीं रंग बिरंगे पलों से बनी है हमारी सारी जिंदगी......शुभकामनायें।

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  4. yeh pal hi to hamari zindagi ban jate hain.......

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