Sunday, August 29, 2010

कभी तो ख़ुशी के मारे झूमने लगता है,
ये दिल,
कभी हालात से मजबूर होकर रोने लगता है,
ये दिल,
कभी किसी की अनकही बातें भी समझने लगता है,
ये दिल,
कभी किसी के पास होकर भी,उससे कोसों दूर होता है,
ये दिल,
कभी किसी से दूर होकर भी,उसके पास होता है ,ये दिल.
दिल की बातें दिल ही जाने,
हम तो बस इतना ही समझ पाएं है,
हर हाल में,हर जगह तुम्हें ही ढूँढता है हमारा,नादान दिल|

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