Friday, August 13, 2010

सावन की आई है बयार,
बाग़ों में छाई है बहार,
बादलों का होने लगा शोर,
नाचने लगे,मस्त होकर मोर,
हिंडोले पड़ने लगे,गोरियाँ 
गाने लगी होकर,भावविभोर 
वर्षा की बूँदें,प्रीत का सन्देश लेकर आईं,
ठंडी हवाएं,पिया का सन्देश लेकर आईं,
सावन की आई है बयार....

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