Sunday, August 1, 2010

बच्चों की दुनिया है यह,
जीना-मरना सब इनके लिए,
अपनी सब खुशियाँ न्योछावर करते 
हम इनके लिए,
हर तमन्ना,हर इच्छा,हर उम्मीद जुडी है इनसे,
हर ख्वाब देखने की वजह भी यह हैं,उनके 
हकीक़त में बदल जाने की वजह भी है वही|

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