Monday, July 19, 2010

हर आँख यहाँ यूं तो बहुत रोती है,
हर बूँद मगर अश्क नहीं होती है,
देखकर रो दे जो जमाने का गम,
उस आँख से आंसू गिरे वह मोती है|

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