Monday, July 19, 2010

जैसे -जैसे भोर का आगमन होता जा रहा है,
चंद्रमा ,तारागणों के साथ ओझिल होता जा रहा है,
वातावरण अति सुहाना और मनोरम होता जा रहा है,
चिड़ियों का कलरव तेज़ होता  जा रहा है,
मंद-मंद शीतल समीर हृदय को सुकून प्रदान कर रही है,
पूर्व दिशा से,बाल रवि उदय की ओर बढ रहा है|

No comments:

Post a Comment