Saturday, June 26, 2010

तुम हो पास तो,
कड़कती धूप भी,लगती छाँव है,
तुम साथ हो,
पथ का हर शूल,बन जाता फूल है,
तुम्हारा प्रेम ही,
बेचैन दिल को देता सुकून है,
हम दूर होकर तुमसे कभी जी सकेंगे,
ऐसे सोचना भी,हमारी भूल है|

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