Saturday, May 15, 2010

आता नहीं वापिस,
कमान से निकला हुआ तीर कभी,
आता नहीं लौटकर,
आँख से टपका हुआ आंसू कभी,
आती  नहीं लाख कोशिशों के बाद भी,
जुबान से निकली हुई बात कभी,
आता नहीं,अनथक चेष्टाओं के बाद भी,
बीता हुआ समय,और हाथ से फिसला एक पल कभी|

1 comment:

  1. ......और हाथ से फिसला एक पल कभी|
    वाह! गज़ब की अभिव्यक्ति!सुन्दर भाव! वाह!

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