Thursday, March 25, 2010

जैसे प्यासी धरती को इंतज़ार रहता है,
बादल के जल बरसाने का,
हर कली को इंतज़ार रहता है,
खिलकर फूल बन जाने का,
आसमान को सदा इंतज़ार रहता है,
सूरज और चाँद के आने का,
हमारी आँखों को हरदम इंतज़ार रहता है,
तुम्हारे आ जाने का|

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