Saturday, March 20, 2010

जीना आया किसे यहाँ,
कोई खुद  रोता रहा उम्रभर,
तो कोई दूसरों को रुलाता रहा,
कोई हँसता-हंसाता रहा उम्रभर,
तो किसी को हँसना न आया ,
किसी ने फ़र्ज़ समझकर निभाया हर रिश्ते-नाते को,
कोई गिले-शिकवों में डूबा रहा उम्रभर,
कोई सदा अपना प्यार लुटाता रहा,
और कोई,
प्यार के लिए तरसता रहा उम्रभर|

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