Saturday, March 27, 2010


संगीत अधूरा है,
बिन सुर और ताल के,
हर जीव अपूर्ण है,
बिन प्रेम और दया के,
नभ सूना  है,
बिन सूरज,चाँद,तार्रों के,
सागर और नदियाँ प्यासी हैं,
बिन पानी के,
हर किसी का जीवन तनहा है,
बिन हमसफ़र के साथ के|

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