Saturday, March 6, 2010

फूल चुनकर बहारों से हमने,
सजाया है गुलिस्तान अपना,
मोंती चुनकर,सागर से हमने 
सजाया है दिल का गुलशन अपना,
रंग चुनकर,इन्द्रधनुष से हमने,
रंग भरे हैं,सपनों में अपने,
तुम्हारे प्यार और विश्वास से हमने,
संवारा है,और बनाया है,अनमोल जीवन अपना|

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