**Ritu Jain**
"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Saturday, March 6, 2010
फूल चुनकर बहारों से हमने,
सजाया है गुलिस्तान अपना,
मोंती चुनकर,सागर से हमने
सजाया है दिल का गुलशन अपना,
रंग चुनकर,इन्द्रधनुष से हमने,
रंग भरे हैं,सपनों में अपने,
तुम्हारे प्यार और विश्वास से हमने,
संवारा है,और बनाया है,अनमोल जीवन अपना|
1 comment:
कडुवासच
Saturday, March 6, 2010 at 8:17:00 AM GMT+5:30
...सुन्दर रचना,प्रभावशाली!!!
Reply
Delete
Replies
Reply
Add comment
Load more...
‹
›
Home
View web version
...सुन्दर रचना,प्रभावशाली!!!
ReplyDelete