Thursday, October 8, 2009

हवा के चंचल हवा के झोंके की तरह,
मन बांवरा सा फिरता है,
उड़ान है पंछियों से भी ऊँची,
बिन पंखों के छूने चला आसमान,
इसे वश में करना ,कितना कठिन 
भटकता डोले,भंवरे के समान|

इंसान अपने बुरे कर्मों से ही दुखी होता है,उनका सुधार करना ही सुखी होने का एकमात्र तरीका है|
चांदनी गुनगुनाने लगती है,
शहनाइयाँ बजने लगतीं हैं,
चिड़ियाँ चहचहाने लगतीं हैं,
कलियाँ मुस्कुराने लगतीं हैं,
सुन के,आहट तेरे आने की,
तू सपने में भी न सोचना 
कभी,हमसे दूर जाने की|
Be thankful for the good in your life.Focus on a joyful expression of life.Be thankful for things we sometimes take for granted,like flowers,butterflies, sunshine,rain,a smiling face on the street,a roof over your head,food to eat,etc.

Nobody is bad in this world even though he might have done you wrong or behaved badly towards you.All are manifestations of God.
अधिक चतुराई करने वाला इंसान,
फँस जाता खुद अपने भंवर में,
कपट-ज़ाल बुनने वाले ,जैसे
जकड जाते खुद अपने ज़ाल में
दूसरों से इर्य्षा करने वाले,
भस्म हो जाते,इर्षा की अग्नि में,
मोह-माया में डूबा मनुष्य,
पछताता अंत में,फंसकर मझधार में|