आँसू बन कर ,बहने लगती हैं
हमारी भावनाएं कभी-कभी ,
ज़्यादा खुश होने पर ,
आँखें छलकने लगती हैं कभी-कभी,
तुम्हारे इंतज़ार में हर घड़ी बोझिल ,
सी लगने लगती है कभी-कभी ,
हर तमन्ना पूरी हो जाए ,यदि
पुकार लो हमे तुम कभी कभी|
वक्त का पहिया चलता है, बिना रुके अविरल ,
इंसान को चाहिए ,हंस कर गुज़ारे जीवन के पल,
शिशु के रूप में जन्म लेता है हर इंसान ,
भागता रहता है ,तृष्णाओं के पीछे ,
बुदापे तक होके परेशान ,
मन को बेचैन करने से कुछ न होगा हासिल,
हर परिस्थिति में खुश रहकर,
अपने जीवन को बना लो जीने के काबिल।