वक्त का पहिया चलता है, बिना रुके अविरल ,
इंसान को चाहिए ,हंस कर गुज़ारे जीवन के पल,
शिशु के रूप में जन्म लेता है हर इंसान ,
भागता रहता है ,तृष्णाओं के पीछे ,
बुदापे तक होके परेशान ,
मन को बेचैन करने से कुछ न होगा हासिल,
हर परिस्थिति में खुश रहकर,
अपने जीवन को बना लो जीने के काबिल।
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