See opportunity in difficulty and not difficulty in opportunity.
Every unpleasant experience is a package which hides a wealth of wisdom and strength.
ठान ले मन में ,गर ,तो क्या नहीं कर सकता इंसान
ज़मीन तो क्या ,हौंसलों से अपने वो छू सकता है आसमान
हार को अपनी ,जीत में बदल सकता है वो,
हर शूल को डगर से हटा कर चल सकता है वो,
सूझ -बूझ से वैर को बदल कर प्रेम में ,
इस धरती की शक्ल-सूरत बदल सकता है वो।