Wednesday, December 2, 2009

लब तरसते रहे,
तुमसे कुछ कहने को सदा,
आँखें तरसतीं रहीं,
तुम्हें कुछ बताने को सदा,
दिल तरसता रहा,
तुम्हारा प्यार पाने को सदा,
मगर हालात कहते रहे,
खामोश रहने को सदा|

4 comments:

  1. ख़ामोशी दिल की बहुत सारी बातें कह जाती है.
    बहुत ही उत्कृष्ट रचना है. धन्यवाद

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  2. ख़ामोशी दिल की बहुत सारी बातें कह जाती है.
    बहुत ही उत्कृष्ट रचना है. धन्यवाद

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  3. ख़ामोशी दिल की बहुत सारी बातें कह जाती है.
    बहुत ही उत्कृष्ट रचना है. धन्यवाद

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  4. ख़ामोशी दिल की बहुत सारी बातें कह जाती है.
    बहुत ही उत्कृष्ट रचना है. धन्यवाद

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