Monday, November 16, 2009

जो तुम कह सके ,उसे तो हम सह सके 
जैसे-तैसे,
पर जो,तुम्हारे लब न कह पाए ,
पर आँखें करती रहीं बयान,
वो बातें तो अब तक शूल सी चुभकर,
बन चुकी हैं,आहों के अंतहीन तूफ़ान|

3 comments:

  1. आहें भरो उनके लिये जो समझते हैं इनका मतलब,क्यों भरते हो आहें उनके लिए जो समझते उन्हें बेमतलब!

    प्यार सहित,
    छोटी बहन

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