ठंडी पवन के झोंके देते हैं कितना सुकून,
बहकर धीरे-धीरे,
तुम्हारी प्रेम से भरी बातें जैसे देती हैं सरूर,
मन को धीरे-धीरे,
अपनों से मिलीं खुशियाँ दिल पर छाने लगतीं हैं,
बादल बन धीरे-धीरे,
पता ही न चला हमें,तुम्हारे प्यार ने कब दस्तक दी ,
हमारे दिल पर धीरे-धीरे|
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