Thursday, October 1, 2009

हमें जीना है ,हर पल को ख़ुशी से
दिल के प्रेम से,गूँथ कर माला,
मुस्कराहट से अपनी,कर सकें जो उजाला,
किसी एक के मन में
जो ज्योति जला सकें,
प्रेम और हर्ष की,
तो जीवन सार्थक हमारा हो सके|

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