Monday, September 28, 2009

माँ की ममता का कोई नहीं जवाब,
प्राण उसके रहते,हरदम संतान में अपनी,
चिंता में दिन-रात घुलती ,वोह रहती,
न रहता,खुद का होश न फिक्र ,
अपने बच्चे की देखने को एक मुस्कान,
तत्पर रहती,सदा जान करने को कुर्बान|

3 comments:

  1. अपने बच्चे की देखने को एक मुस्कान,
    तत्पर रहती,सदा जान करने को कुर्बान|
    जी हाँ माँ ऐसी ही होती है. वह बच्चो की खुशी के लिये कुछ भी करने के लिये तैयार रहती है.
    सुन्दर अभिव्यक्ति

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  2. दशहरा विजयत्सव पर्व की हार्दिक शुभकामना

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  3. माँ की तस्वीर खींच दी शब्दों से, बहुत खूब!

    विजया दशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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