Wednesday, September 9, 2009

रंगों से सजे इन्द्रधनुष को देखकर,
सात सुरों में गाने लगा,मेरा मन,
सुंदर नज़ारा देखकर रह गई मैं दंग,
बादलों ने बरसकर ,कर दिया है
सारा वातावरण खुशनुमा,
लगता है जैसे,राग मल्हार गाकर,
पपीहे ने ,बाँध दिया समां।

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