"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Friday, September 18, 2009
शिकायत नहीं,हमें ज़माने से, न किसी अपने से, न बेगाने से, इरादे गर हों,समंदर से गहरे, तो क्या कोई बैठाएगा,पहरे , आंखों में हों सपने सलोने, दिल में उन्हें पूरा करने का गर हो जूनून, ऐसा कुछ नहीं,जो पाना हो ,नामुमकिन।
achi kvaita hai...sare salone sawapn poore ho...:)
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