Sunday, September 6, 2009

इश्वर आपने हर कदम पर ,मुझे दिया है,
अपनी गोद का सहारा,
थामा न होता ,यदि हाथ आपने तो न
जाने क्या होता हमारा,
दुनिया में आकर सीख गए हम बहुत कुछ,
पहचान जो बनी है ,तेरी राह में चलते-चलते,
हाथ जोड़कर है बिनती ,मेरी आपसे प्रभुजी,
आपके दिखाए मार्ग पर सदा चल पाऊँ मैं,
थक जाएँ पाँव मेरे,पर रुके कभी नहीं.

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