"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Thursday, September 10, 2009
माँ-बाप अपना सब कुछ लुटा देतें हैं , अपने बच्चों के लिए, माँ-बाप अपना जीवन दांव पर लगा देते हैं, अपने बच्चों के लिए, एक मुस्कान देखने के लिए ,क्या कुछ नहीं करते ,माँ-बाप उनके लिए, उपकार इतने करते हैं ,सात जन्म भी कम हैं, उन्हें चुकाने के लिए।
उपकार इतने करते हैं ,सात जन्म भी कम हैं,
ReplyDeleteउन्हें चुकाने के लिए।
बिल्कुल सही कहा है आपने।
उपकार इतने करते हैं ,सात जन्म भी कम हैं,
ReplyDeleteउन्हें चुकाने के लिए।
सुंदर भावपुर्ण कविता!!