"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Sunday, September 6, 2009
सूर्योदय होते ही ,चहकने लगती हैं चिड़ियाँ हजारों, चमन में फूल बनने को बेचैन रहतीं हैं, जैसे कलियाँ हजारों, हकीक़त बनने को तरस रहे अंखियों में, सपने हजारों, ओस की नन्ही-नन्ही बूंदों ने भिगो दिए, फूल-पत्ते हजारों।
No comments:
Post a Comment