"MY IMAGINATION WILL GO FAR AND WIDE FROM ONE TIDE TO ANOTHER TIDE"
Sunday, July 5, 2009
मन का बांवारापन तो देखो, नाचने लगता है,कभी-कभी बिन बात के ही, मन का उत्तवालापन तो देखो, उड़ना चाहता है,कभी-कभी बिन पंखों के ही, कोई रोको इसे ,और पूछो ,कौन सी खुशी हासिल हुई है इसे, या दूसरों की खुशियाँ में डूबकर ,पागल हुआ जाता है यूंही।
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