ठंडी चलती है बयार ,
रिमझिम-रिमझिम
बूंदों की बरस रही फुहार,
वाह ,हर तरफ़ छा रही हरियाली,
दूर हुए गम,फ़ैल गई चारों ओर खुशहाली,
बागों में नाचने लगे,रंग-बिरंगे मोर ,
बच्चे बारिश में नहाकर,मचाने लगे शोर,
प्रफुल्लित कर दिया ,तन-मन सबका,
बादलों ने आख़िर भिगो दिया आँचल धरती का।
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