Friday, July 3, 2009

बच्चों से है ,दुनिया सारी,
बच्चों से है,दुनिया हारी,
कितना निष्पाप होता है,
कोमल मन बच्चों का,
प्रभु जैसा रूप बच्चों का,
हर दिल को ,कर देते बच्चे प्रसन्न
देखकर बाल-लीलाएं,खिल उठता सबका मन।

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